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How to Remove Water Hyacinth from Pond

चलिये जलकुंभी के कुछ Facts को जानते हैं



(1). पोंटेडेरिया क्रैसिप्स (Pontederia crassipes), इसे आमतौर पर जल जलकुंभी (water hyacinth) के रूप में जाना जाता है |

(2). यह Amazon basin का मूल निवासी एक जलीय पौधा है |

(3). जलकुंभी (water hyacinth) एक मुक्त तैरने वाला बारहमासी जलीय पौधा है।

(4). चौड़ी, मोटी, चमकदार, अंडाकार पत्तियों के साथ, जलकुंभी (water hyacinth) पानी की सतह से 1 meter (3 feet) की ऊंचाई तक ऊपर उठ सकती है |

(5). जलकुंभी की पत्तियाँ एक तने पर 10 -20 cm (4 -8 inches) की दूरी पर होती हैं, जो पानी की सतह के ऊपर अपने आधार पर buoyant bulb जैसी nodules के माध्यम से तैर रही होती है।

(6). उनके पास लंबे, spongy और बल्बनुमा (bulbous) डंठल होते हैं।

(7). इसके पंखदार, स्वतंत्र रूप से लटकने वाली जड़ें बैंगनी-काली होती हैं |

(8). सबसे तेजी से बढ़ने वाले पौधों में से एक, जल जलकुंभी है |

(9). जलकुंभी सबसे पहले भारत में बंगाल में अपने खुबसूरत फूलों और पत्तियों के आकार के कारण लाया गया था।

(10). भारत में इसे बंगाल का आतंक (Terror Of Bengal) भी कहा जाता है।

(11). यह पौधा रुके हुए पानी मे grow करता है जो पानी से oxygen खीच लेता है |

(12). इससे छुटकारा पाना बहुत कठिन है लकिन यह इस मायने मे उपयोगी है कि औद्धोगिक बहिस्त्राव द्वारा किए जाने वाले जल प्रदुषण को रोकने मे प्रभावी होता है |

(13). प्रत्येक पौधा अतिरिक्त रूप से हर साल हजारों बीज पैदा कर सकता है, और ये बीज 28 से अधिक वर्षों तक व्यवहार्य (viable) रह सकते हैं।

(14). Southeast Asia के कुछ स्थानों में कुछ जलकुंभी एक दिन में 2 से 5 meter (7 और 16 feet) के बीच बढ़ती हुई पाई गईं है |

(15). जलकुंभी के तीन फूल रूप होते हैं और इसे “Tristylous” कहा जाता है | फूलों के रूप को उनके स्त्रीकेसर की लंबाई के लिए नामित किया गया है:- लंबा, मध्यम और छोटा।

(16). इसका निवास रेगिस्तान से लेकर वर्षावन क्षेत्रों तक है।

(17). जलकुंभी की तापमान सहनशीलता 12 °C (54°F), 25-30°C (77–86°F), और इसका अधिकतम तापमान सहनशीलता 33-35 °C (91–95°F) है |

(18). जलकुंभी खारे पानी में नहीं उगती है |

(19). जलकुंभी को खाद के रूप में भी use किया जाता है |


(20). इस पौधे में HCN , alkaloid और triterpenoid होती है जो खुजली पैदा कर सकता है |

(21). North-east India, Philippines , Thailand और Vietnam में जलकुंभी के तने का उपयोग ब्रेडिंग सामग्री (braiding material) और fibers के स्रोत के रूप में किया जाता है |

(22). जलकुंभी से निकलने वाली Fibers का उपयोग बैग, जूते, टोपी, फूलदान, क्रिसमस लालटेन और भी बहुत सारे चीजों को बनाने में किया जाता है |



(23). सूखे तनों का उपयोग टोकरियों (Baskets) और फर्नीचर (Furniture) को बनाने में किया जाता है |


(24). जलकुंभी के रेशों का उपयोग कागज के लिए कच्चे माल के रूप में किया जाता है |

(25). ताजे पानी के जलकुंभी में लगभग 2.38% कच्चा protein, 0.27% कच्चा fat, 0.91% कच्चा fiber और 3.7% nitrogen होता है |

(26). जलकुंभी में पानी की मात्रा 90% प्रतिशत से अधिक होती है |

(27). इसमें प्रचुर मात्रा में nitrogen होती है इस लिए इसका इस्तमाल biogas उत्पादन और biogas से प्राप्त कीचड़ के लिए एक substrate के रूप में किया जा सकता है।

(28). यह पौधा 5 -15 दिनों में अपने आप दोगुना हो जाता है |

(29). जलकुंभी के फूल नीले-से-बैंगनी रंग के होते हैं, और इनके पंखुड़ी के बिच में पीले रंग का पैच होता है |

(30). जब जलकुंभी पर नियंत्रित नहीं किया जाता है, तो जलकुंभी झीलों और तालाबों को पूरी तरह से ढक लेती है; यह जल प्रवाह को प्रभावित करता है और सूर्य के प्रकाश को देशी जलीय पौधों तक पहुंचने से रोकता है जो अक्सर मर जाते हैं। क्षय प्रक्रिया पानी में घुली हुई oxygen को कम कर देती है, जिससे अक्सर मछलियां भी मर जाती हैं |

(31). Floating water hyacinth bed बांग्लादेश, गोपालगंज, बरिसाल और पिरोजपुर जिलों में सबसे आम हैं। यहां, मानसून के दौरान किसान जलकुंभी के डंठल जैसे खरपतवार इकट्ठा करते हैं, और उन्हें स्थिर पानी पर रख देते हैं, उन्हें क्यारियों का आकार देते हैं और राफ्ट बनाते हैं। वे इन जैविक क्यारियों पर पौधे रोपते हैं, और उन्हें गांवों के बाढ़ग्रस्त हिस्सों में रख देते हैं। इसतरह से उनका तैरता हुआ खेत तैयार हो जाता है।

(32).  जानवरों के चारे के रूप में विशेष रूप से pig के चारे के लीए , मछली के चारे (विशेषकर सुनहरी मछली के लिए) के रूप में उपयोग किया जाता है।

(33). इसका उपयोग मशरूम उत्पादन के लिए उपयोग किया जाता है।

(34). Skin के treating के लिए जलकुंभी के फूल का उपयोग किए जाते है |

(35). सूखे जलकुंभी का उपयोग ईंधन के रूप में किया जाता है |

(36). जलीय पौधों में Aerenchyma एक साधारण tissue है| जो  पौधों को तैरने में मदद करता है |

(37). इसे पानी से बाहर लाने के लिए जहाजों और नवो का इस्तेमाल किया जाता है |

(38) . जलकुंभी का इस्तेमाल biogas बनाने मे किया जा सकता है |

(39). जलकुंभी की आबादी को कम करने के लिए दुनिया भर में ग्लाइफोसेट (glyphosate), डाइकैट (diquat) और 2,4‐D अमीन
(amine) जैसे जड़ी-बूटियों का उपयोग किया गया है। इसके अलावा, जलकुंभी को नियंत्रित करने के लिए सल्फ़ेंट्राज़ोन (sulfentrazone), इमाज़ापायर (imazapyr), इमाज़ेपिक (imazapic), मेटसल्फ़्यूरॉन-मिथाइल (metsulfuron-methyl) और सल्फ़ोसेट (sulfosate) बहुत अच्छा हैं। इमाज़मॉक्स (Imazamox) जलकुंभी को नियंत्रित करने के लिए एक प्रभावी शाकनाशी भी है | लेकिन इन का उपयोग करने से waterbody  affected होगी |

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